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मित्रो नमस्कार मैं गौतम भारती और कुछ प्रयासों के बाद आदर्श संग्राम पार्टी का अध्यक्ष भी हूँ।
आप लोग में से मुझे कोई कुछ दिनों से जनता है कोई कुछ महीनों से जानते है कुछ साथी कुछ साल से जानते है। क्योंकि मैं खुद को एक नेता के रूप में हमेशा से देखता हूँ चाहे कोई आपातकाल हो या कोई अन्य उपलक्ष अपनी जिज्ञासु प्रवर्ति के कारण मुझे किसी भी चीज ,विचार,क्रिया को समझने में ज्यादा समय नही लगता और कई बार संगठन य सामाजिक एकता के कारण कुछ चीजों को जानते हुए भी नज़रअंदाज़ करता हूँ। पर जब तक जहाँ तक किसी का अहित ना हो। जब कभी संकट होता है तो मुझे मेरे अपने साथी बंधु समझाते है व मुसीबत से निकलते है यही मैं भी उनके साथ करता हूँ। दोस्तो एक दुख कुछ समय से एहसास करता है क्या अपने देश से लोगो के मन से जातिगत भेद भाव मिटेगा या नही ? आज तक मुझे जो भी मिला उसने मुझे भरपूर प्यार सहयोग व आशीर्वाद दिया पर फिर भी ऐसा लगता है कि आज भी दलित होना एक कष्टकारी स्थिति है क्योंकि दलित परिवार मात्र होने से ही मेरी नेतृत्व की क्षमता को कई लोग कमजोर मानते है । पर ये मैं जानता हूँ कि मैं अपने संस्कारो व देश धर्म के बंधन में हूँ। और वो सब कुछ नही कर सकता जो मेरे जमीर य देश की अखंडता य सम्मान को कोई नुकसान पहुचाए। मित्रो बस एक सवाल क्या आपकी निगाह में मैं एक सही नेता हूँ क्या मेरे राजनीतिक सूझबूझ से देश व देश की जनता का कुछ भला होगा अगर है तो कृपया बताएं अन्यथा उसको सुधारने के लिए अपनी कीमती राय जरूर दे।
धन्यवाद
आपका मित्र
गौतम भारती
सेवक/ अध्यक्ष
आदर्श संग्राम पार्टी।

![5c66255e98ad5.jpg](serve/attachment&path=5c66255e98ad5.jpg) मित्रो नमस्कार मैं गौतम भारती और कुछ प्रयासों के बाद आदर्श संग्राम पार्टी का अध्यक्ष भी हूँ। आप लोग में से मुझे कोई कुछ दिनों से जनता है कोई कुछ महीनों से जानते है कुछ साथी कुछ साल से जानते है। क्योंकि मैं खुद को एक नेता के रूप में हमेशा से देखता हूँ चाहे कोई आपातकाल हो या कोई अन्य उपलक्ष अपनी जिज्ञासु प्रवर्ति के कारण मुझे किसी भी चीज ,विचार,क्रिया को समझने में ज्यादा समय नही लगता और कई बार संगठन य सामाजिक एकता के कारण कुछ चीजों को जानते हुए भी नज़रअंदाज़ करता हूँ। पर जब तक जहाँ तक किसी का अहित ना हो। जब कभी संकट होता है तो मुझे मेरे अपने साथी बंधु समझाते है व मुसीबत से निकलते है यही मैं भी उनके साथ करता हूँ। दोस्तो एक दुख कुछ समय से एहसास करता है क्या अपने देश से लोगो के मन से जातिगत भेद भाव मिटेगा या नही ? आज तक मुझे जो भी मिला उसने मुझे भरपूर प्यार सहयोग व आशीर्वाद दिया पर फिर भी ऐसा लगता है कि आज भी दलित होना एक कष्टकारी स्थिति है क्योंकि दलित परिवार मात्र होने से ही मेरी नेतृत्व की क्षमता को कई लोग कमजोर मानते है । पर ये मैं जानता हूँ कि मैं अपने संस्कारो व देश धर्म के बंधन में हूँ। और वो सब कुछ नही कर सकता जो मेरे जमीर य देश की अखंडता य सम्मान को कोई नुकसान पहुचाए। मित्रो बस एक सवाल क्या आपकी निगाह में मैं एक सही नेता हूँ क्या मेरे राजनीतिक सूझबूझ से देश व देश की जनता का कुछ भला होगा अगर है तो कृपया बताएं अन्यथा उसको सुधारने के लिए अपनी कीमती राय जरूर दे। धन्यवाद आपका मित्र गौतम भारती सेवक/ अध्यक्ष आदर्श संग्राम पार्टी।
 
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